आत्महत्या मत करना

0
222
आत्महत्या नहीं करना

आत्महत्या के नुकसान इरशाद शिबू की कलम से |

किसी दोस्त ने कहा था,अपना गम अपना दर्द अपनी हर बाते शेयर करने से मन हल्का हो जाता है इस लिए दोस्तो मुझसे जो भी बाते हैं शेयर कीजिये लेकिन पिलीज आत्महत्या मत कीजिये |

आत्महत्या के नुकसान:-
(1) जब इंसान आत्महत्या करता है तो आप को क्या लगता इंसान आसानी से मर जाता है, बिल्कुल नही इंसान आसानी से नही मरता,बल्कि बहुत तकलीफ़ होती है |
जैसे:-

(A) अगर इंसान फांसी लगाता है तो जो फंदा रहता है उसको पंखे में बांध कर गर्दन में लगा कर लटक जाता है लेकिन उसकी रूह आसानी से नही निकलती बल्कि बहुत तड़प होती है इंसान बेचैन हो जाता है इंसान उस वक्त खुद को बचाने की भी कोशिस करता है लेकिन नाकाम हो जाता है और तड़प कर कुछ देर के बाद मर जाता है |

(B)अगर इंसान ज़हर खा के आत्महत्या करता है तो उसमें में भी बहुत तकलीफ होती है,ज़हर अंदर जाते ही इंसान को तुरन्त नही मार देता बल्कि पूरे शरीर मे धीरे धीरे फैलता है और जब फैलता है तब इंसान बहुत तड़पता है,उस इंसान घबराहट और बहुत तकलीफ़ होने लगती है उस वक़्त इंसान उस तकलीफ़ से बच कर जीना चाहता है लेकिन नाकाम हो कर मर जाता है |

(C) लोग ट्रेन या किसी गाड़ी के सामने या छत से कूद के आत्महत्या कर लेते हैं,ये आत्महत्या भी आसान नही है इसमें भी बहुत तकलीफ होती है,जैसे कोई इंसान ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर लेता है तो आपने देखा होगा कि शरीर आधा हो जाता है या गर्दन अलग हो जाती है या कुछ शरीर का अंग अलग हो जता है, उस शरीफ को आपने देखा होगा कि वो शरीफ कुछ देर तलक फरफराता है,उस वक़्त इंसान का रूह नही निकला होता है वो तड़पता रहता है,कुछ देर के बाद दम तोड़ देता है,
छत से कूदता है तो छत से कूदने और जमीन पे गिरने में समय लगता है उस बीच के समय में इंसान हवा में रहता है उस समय इंसान का क्या हालत होता होगा आपने कभी सोचा है |

आत्महत्या के नुकसान:-
(2)वो इंसान तो आत्महत्या कर के तड़प के मर जाता है लेकिन उससे ज्यादा तकलीफ़ किस को होती है पता है माँ बाप पूरे घर वाले को दोस्तो को भाई बहन को उसके चाहने वाले को सबसे ज्यादा तकलीफ़ होती है,ये सब एक जिंदा लास हो जाते हैं ये लोग सोचते हैं कि हमको एक मौका मिलता तो हम उसको बचा लेते,, ये लोग खुद को दोष देते हैं ये लोग जिंदगी भर खुद को माफ नही करते |

आत्महत्या के नुकसान:-
(3)उस इंसान के जाने के बाद घर वालो को शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती है, दुनिया वालो के सामने सर झुका के चलना पड़ता है,लोग ग़लत अफ़वाये उड़ाने लगते हैं, घर वालो को ताने मारने लगते हैं,घर बिखड़ जाता है,

इंसान तो मर जाता है लेकिन वो ये नही सोचता कि उसके घर वालो पे क्या बीतेगी, उसके माँ पे क्या बीतेगी जिसने नौ महीने उसको कोख़ में रखा दर्द तकलीफ़ सह के उसको पैदा किया पोश पाल कर बड़ा किया खुद भींगे बिस्तर पे सोती रही उसको सूखे बिस्तर पे सुलाया |

उस बाप पे क्या गुज़रेगी जिसने रात दिन खून पसीना बहा कर उसको पोश पाल कर बड़ा किया,उसकि हर ख्वाहिशें पूरी किया खुद फटे कपड़े को सील सील कर पहनता रहा लेकिन उसको ब्रांडेड कपड़ा दिलवाता है,खुद जूते फटे पहनता रहा, लेकिन उसको ब्रांडेड जूता दिलवाता रहा, खुद साइकल पे चलता रहा लेकिन उसको बाइक दिलवाया |

मेरे दोस्तों मेरे भाई मेरी बहनों पिलीज हाथ जोड़ कर विनती कर रहा हूँ आप आत्महत्या के बारे में कभी मत सोचना,
अगर ज़िंदगी मे कोई तकलीफ़ होती है तो पिलीज मुझे कॉल कीजिये अपने दिल हाल हमसे शेयर कीजिये हम वादा करते हैं आपसे आपकी जो बात होगी उसको गोपनीय रखा जायेगा, दिल की बात शेयर करने से दिल हल्का होता है और मन फ्रेस हो जाता है |

✍️इरशाद_शिबू

छपरा, बिहार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here