“बिहार का मंगल” | Blog-1

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बिहार का मंगल

"बिहार का मंगल"

बिहार का मंगल ! :- कौन करेगा? कैसे होगा? कब होगा?

प्रिय पाठक गण, उपरोक्त यक्ष प्रश्न आज बिहार के हर नागरिक के मन मस्तिष्क के घूम रहा है और हर बिहारी और गैर बिहारियों को भी व्याकुल कर रहा है।

बिहार के लोगो की दयनीय स्थिति और संघर्ष को सर विश्व हतप्रभ होकर देख रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण, बिहार की बेटी – ज्योति कुमारी का 1100 किलोमीटर से भी ज्यादा साइकिल चला कर अपने बीमार पिता को बिहार वापस ले आना है। इस घटना से प्रभावित होकर अमेरिकी राष्ट्रपति की पुत्री इवांका ट्रंप ने भी ज्योति की साहस और शक्ति की तारीफ की है।

क्या है बिहार की वर्तमान स्थिति, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवम् शैक्षणिक क्षेत्रों  में? क्या सबकुछ सही है आज के बिहार में?

तो जवाब है, “नहीं”। 

बिहार में सबकुछ ठीक  नहीं है।

उपरोक्त क्षेत्रों में बिहार सबसे पिछड़े स्थान पर है।
       जहा पर लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं के लिए दूसरे राज्यो में जाना पड़ता है, और जिन राज्यो में यह लोग जाते है, उन्हें तिरस्कृत भी होना पड़ता है, अपना तन, मन और धन न्योछावर करने के बाद भी। और इन प्रवासी बिहारियों की जीवन स्तर के भी कोई सुधार नहीं हुआ है। और हर प्रवासी बिहारी का मन अपनी जन्मभूमि के माटी से जुड़ने के लिए लालायित रहता है।

      इक्कीसवीं सदी की पहली वैश्विक महामारी ने बिहार के जख्मों पर पड़े चादर को नोच कर फेंक दिया है। जिसे आज पूरा देश देख रहा है कि कैसे बिहारी लोग पैदल चल कर, भूखे पेट चल कर, नंगे पांव चल कर अपने बिहार कि माटी पर लौट रहे है, ना जाने कितने ही लोग विभिन्न तरह की घटनाओं में मरे भी का चुके है।
 जिनमे हृदय विदारक ट्रेन से कुचल कर मारे गए मजदूर है और अन्य सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए बिहारी मज़दूरों की संख्या अनगिनत है।

    चलिए बिहार का मजदूर वर्ग अब बिहार वापस आ गया है, किसी भी तरह। और जो बचे हुए बिहारी है वो भी अपने बिहार को लौट कर आने के लिए प्रयासरत है एवम् सही समय और परिस्थिति का इंतजार कर रहे है।
इसका एक कारण यह भी है कि बिहारियो को बिहार के बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता है आज भी।

    इसीलिए, बिहार के हर नागरिक को संगठित होकर “बिहार के मंगल” करने के लिए कार्य करना होगा एक दृढ़ संकल्प शक्ति के साथ। कोई भी बिहारी जहा कहीं भी हो उससे लौट कर बिहार आना चाहिए और बिहार को मंगलमय बनाने के लिए अपना योगदान देना चाहिए।

    मै अपनी बातों को निम्नलिखित प्रश्नोत्तर के माध्यम से आप लोगो के समक्ष रखने का प्रयास कर रहा हूं।

प्रश्न - बिहार का मंगल कौन करेगा ?

उत्तर – बिहारियो को ही बिहार का मंगल करना होगा, आखिर कोई दूसरा आपके घर का खयाल क्यो रखेगा।
बिहारियों को छोड़ कर कोई दूसरा आपके बिहार का मंगल नहीं करेगा।

प्रश्न - बिहार का मंगल कैसे होगा ?

उत्तर –

  • खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी – बिहार खाद्यान्न कि दृष्टिकोण से हमेशा आत्मनिर्भर रहा है। और यह निर्भरता भविष्य में भी बरकरार रखनी होगी एवम् निर्यात की संभावनाएं की खोज करनी होगी।

  • शिक्षा का मंदिर – बिहार को शिक्षा का मंदिर बनने के लिए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बिहार के अंदर ही शैक्षणिक क्रियाकलापो में उत्साह पूर्वक हिस्सा लेना होगा। ताकि किसी भी बिहारी को शिक्षा के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। एवम् बाहर के लोग बिहार में शिक्षा ग्रहण के लिए आगे आना होगा

  • पूर्ण राजनीतिक जनादेश – बिहार के पिछड़ेपन का एक कारण यहां का खंडित जनादेश भी है। ठीक बिहार विधानसभा इलेक्शन के पहले आए, इस कोराना महामारी ने बिहारवासियों को उनके ज़ख्म को महसूस करने का मौका भी दिया है।

    अतः यह महामारी बिहारवासियों को जात पात की राजनीति को छोड़ कर, सचेत और जागृत हो कर नए सरकार के निर्माण का संदेश दे रही है, जो सरकार एक मजबूत शासन और समृद्धि के लिए कार्य करे। यह सरकार स्वतंत्र रूप से बिना जातिवाद क्षेत्रवाद के बंधन में बंधे बिहार के विकास के लिए कार्य कर सके।

  • बिहार के कल कारखानों का जीर्णोद्धार करना होगा एवम् नए उद्योगों को बिहार के अंदर स्थानांतरित करने का उपाय करना होगा।

  • बिहार के कुटीर उद्योगों की स्थापना एवम् उनको पुनर्जीवित करने का प्रयास करना होगा।

  • सबसे महत्वपूर्ण अपनी जन्मधरती को ना छोड़ने का निर्णय लेना होगा।

  • बिहार की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव जागृत करना होगा।

  • बिहार राज्य के अंदर की स्वउत्पादित वस्तुओं के प्रयोग का संकल्प लेना होगा।

  • बिहार को सूचना प्रौद्योगिकी का हब बनाना होगा।

  • बिहार के अंदर धार्मिक पर्यटन को आकर्षित करना एवम् संरक्षण प्रदान करना

प्रश्न - बिहार का मंगल कब होगा ?

उत्तर –

      बिहार का मंगल हमेशा होता रहे।
फिर भी आगामी विधानसभा चुनाव के माध्यम से बिहार की जनता को यानी हम सब को, किसी एक राजनीतिक पार्टी एवम् सुयोग्य सन्यासी को पूर्ण बहुमत देकर  बिहार की सत्ता पर सुशोभित करे, तब बिहार के मंगल कार्यों की गति मिलेगी।

      अब बिहार के मंगलकामना का संकल्प लेने के आह्वाहन के साथ ही अपने शब्दो को अगले लेख तक विराम देता हूं।

                                          बिहार का मंगलमय हो।

                                           जय हिन्द जय बिहार !!

                   प्रभात कुमार
(एक प्रवासी बिहारी, जो बिहार आने के लिए प्रयासरत है…)

 

2 COMMENTS

  1. Very deep message with lots informative facts. Great ideas and thoughts.
    If our government will follow it, bihar will certainly be a developed state.

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