गणतंत्र दिवस के परेड में नीले आसमान में उड़ी बिहार की बेटी

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Bhavna Kanth, daughter of Darbhanga of Bihar

मुझे याद हैं की आज से तीन साल पहले, टीवी पर एक महिला का नाम सुना था। यूं तो हर रोज ही नाम आते रहते हैं, लेकिन ये नाम बहुत अलग था उन सब नामो से। ये नाम दर्शाता था सही मायने में “Women Empowerment” या कहे तो “नारी शक्ति” क्या हैं। दिखावे की फेमिनिज्म नहीं, ये नाम प्रतीक हैं शुद्ध सत प्रतिशत मेहनत और लगन का, ये नाम हैं भावना कंठ, भारत की पहली महिला फाइटर पायलट का।

वर्ष 2016 में भावना को अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ फ़्लाइंग ऑफ़िसर के रूप में चुना गया था। हमारे देश में महिलाएं वर्ष 1991 से हेलीकॉप्टर और ट्रांस्पोर्ट प्लेन्स उड़ाती आ रही हैं। लेकिन इन तीनों के चुनाव के पहले भारत में वायु सेना में महिलाओं को फ़ायटर प्लेन्स उड़ाने की अनुमति नहीं थी। वर्ष 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने महिला पायलटों को बतौर फ़ायटर पायलट वायु सेना में शामिल करने की अनुमति दी थी। जिसके बाद भावना, अवनी और मोहना को भारतीय एयर फ़ोर्स में शामिल होनेवाली वुमन फ़ायटर पायलट होने का तमगा मिला. इस पहली महिला बैच से भावना ने मिग-21 बाइसन एयरक्राफ़्ट से दिन में उड़ान भरकर अपना नाम पहली महिला फ़ायटर पायलट के रूप में दर्ज करा लिया है।

एक न्यूज़ पोर्टल से बातचीत के दौरान भावना ने कहा था, “फ़ायटर पायलट बनने के बारे में केवल लड़के ही सोचते हैं. लेकिन मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझसे यही कहा कि केवल मैं लड़की हूं, इसलिए मुझे अपने सपनों को, सोच को बदलने की या लड़कों से अलग तरह से सोचने की ज़रूरत नहीं है”।

एक कहावत हैं कि “आप किसी भी राष्ट्र की स्थिति उस देश की महिलाओं की स्थिति को देखकर बता सकते हैं” इस कथन की सच्चाई का जीता जागता उदाहरण हम इस वर्ष के गणतंत्र दिवस पर अनुभव किए होगे और आपने भारत के 73वे गणतंत्र दिवस पर, वायुसेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट भावना कंठ राजपथ को देखा भी होगा।

बिहार के बरौनी में, एक मध्यवर्गीय परिवार में 1 दिसंबर 1992को जन्मी, भावना कंठ ने अपनी शुरुआती शिक्षा बरौनी से ही हासिल की। उन्होंने बरौनी रिफाइनरी में डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उसके बाद राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की। उस समय, कंठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में नहीं जा सकीं क्योंकि महिलाओं को प्रोग्राम में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद भावना ने अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। उन्होंने 2014 में अपना ग्रेजुएशन पूरा कर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में कुछ दिनों तक काम किया। भावना कंठ इनके पिता तेज नारायण कंठ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और मां राधा कंठ एक हाउस वाइफ हैं। भावना को बचपन से खेलों में बहुत रूचि थी। बड़े होकर उन्होंने ने खो खो, बैडमिंटन, तैराकी और पेंटिंग जैसे खेल शौक से खेले।

गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने की खबर पर भावना कंठ कहती हैं कि यह उनके लिए गर्व का पल होगा। पायलट भावना ने कहा कि वे बचपन से ही टीवी पर गणतंत्र दिवस की परेड देखती आई हैं, और इस वर्ष इस परेड में शामिल होने उनके लिए गर्व और सम्मान की बात होगी। भावना ने कहा कि वे राफेल और सुखाई के साथ- साथ अन्य लड़ाकू विमान भी उड़ाना पसंद करेंगी और हम भी उन्हें बदलो का सीना चीरते और महिषासुर रूपी दुश्मनों का अंत करते इस शक्ति को देखेगे।

आज भावना कंठ ने देश के साथ-साथ बिहार का भी नाम रौशन किया और बताया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पे “Women Empowerment” “Women Empowerment” चिल्लाने से महिला सशक्तिकरण नहीं होगा बल्कि उसके लिए खुद की मजबूत और हर चुनौतियों से खुद को गुजरना होगा।।

जय हिन्द।।

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