नेताओं का वादा अंधविश्वास का धागा

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Promise of indian Politician

मैं प्रशांत कुमार शुभम एक सिविल इंजीनियर हूं और भारतवर्ष के बिहार राज्य से नाता रखता हूं। मैं हमेशा से अपने गांव और शहर के मुसीबतों के बारे में सोचता था कि हर साल हमारे राज्य में चुनाव होता है और हर बार हमारे गांव से बहुत सारे भाई – बंधु इस चुनाव प्रचार के हिस्सा होते थे। लेकिन इस सब के बावजूद कभी कोई तरक्की ना हुई । लेकिन उस समय उतनी समझ न थी इसलिए नहीं समझता था ।
आज के समय को इक्किसवी सदी बोलते है और आज के समय में जहां हमारा देश भारत विश्व में एक अलग पहचान बना रहा है वहां ही दूसरी तरफ इस देश में कई ऐसे जगह है जहां जीना दुर्लभ हो गया है लेकिन फिर भी लोग मजबूरी में वहां रहते है। अगर सच कहूं तो आज के समय में लोग एक कठपुतली बन कर रह गया है । जिससे ये नेता लोग चुनाव के समय में ना जाने कितने वादे करके वोट तो ले लेते है लेकिन चुनाव जीतने के बाद उतनी ही तेज़ी से गायब भी होते है जीतने तेज़ी से टूटता हुआ तारा ।
आज की युवा पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है कि वो सब अपने गांव और शहर के समस्या को समझे और दूर करने की प्रयास करे । लेकिन दुख की बात ये है कि हमारी युवा पीढ़ी ये सब करने के बजाय इन नेताओं के झूठे सपने के चलते अपना भविष्य अंधेरे में कर देते है। और खुद के साथ साथ अपनी और अपने लोगों को भी अंधेरे मे रखे रहते है जो की बहुत ही दुःख कि बात है।आज के समय में ऐसा महौल बन गया है कि हर शहर , गाँव के गली नुक्कड़, चौराहा पे इस सरकार के झूठे वादे के बारे मे ना जाने कितने बाते होती तो है लेकिन हमारा दुर्भाग्य ये है की आज के लोगों बस बाते करने तक ही रह जाते है। उन्हे लगता है की ये सब सारी समस्या जैसे बेरोजगारी, भूखमरी, और ना जाने भिन्न प्रकार की समस्या बस एक दूसरे से बाते करके ही ठीक हो जायगी। लेकिन उन्हें कौन समझाये कि बोली हुई बात उतनी ही अच्छी लगती है जितना किसी किताब मे लिखा हुआ सुंदर कविता। जहाँ तक मेरा सोच है किसी चीज को बदलने के लिए, पहले के समय मे लोग कलम का उपयोग करते थे उसी तरह आज के समय मे किसी चीज को बदलने के लिए हर पीढ़ी के लोग को आगे आकर उसके खिलाफ एक आवाज़ बनकर हमेशा रहना होगा। और ये तब तक करना होगा जब तक ये बात इस देश के एक-एक नागरिक के दिलों दिमाग मैं ना समझ आ जाय। जिस दिन ये मुमकिन हो जायगा तो उस दिन किसी को कोई भी समस्या नही होगी। मैंने किसी किताब मे किसी महान व्यक्ति की रचना में पढ़ा था की

If you want to change the society then first you have change yourself.

जय हिंद जय भारत.,!!!

© Bihar vibes & Prashant Kumar

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